नगर निगम अयोध्या: व्यवस्था से बड़ा हुआ रसूख, तो उठने लगा शोर, हो रही कई तरह की चर्चाएं

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नगर निगम अयोध्या: जोन कार्यालय में आउटसोर्सिंग कर्मचारी अखिलेश त्रिपाठी के बढ़ते हस्तक्षेप के बीच उठने लगे कई सवाल

स्वास्थ्य विभाग में स्थानांतर होने के 4 महींने बाद भी नहीं की ज्वाइनिंग, कई मामलों में उसकी राय लेने की भी चर्चा

अयोध्या। व्यवस्था पर रसूख भारी पड़े तो शोर मचना स्वाभाविक है, कुछ ऐसा ही शोर इन दिनों जनपद के नर निगम कार्यालय में सुनाई दे रहा है। हालांकि इसकी सत्यता कितनी सटीक है, इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं है लेकिन शोर उठा है तो सच्चाई भी होगी। बहरहाल अब देखना यह है कि इस शोर को नगर निगम के अधिकारी किस तरह से शांत करते हैं।

बात हो रही है नगर निगम के जोनल कार्यालय की, जहां एक कर्मचारी के कथित तौर पर बढ़ती दखलंदाजी को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म हो उठा है। सूत्रों का दावा है कि आउटसोर्सिंग कर्मचारी अखिलेश त्रिपाठी उर्फ मिंटू का कार्यालय में दखल इतना है कि उसकी हर विभाग में सक्रियता बनी रहती है, यही नहीं कई महत्वपूर्ण प्रशासनिक निर्णयों में भी उस कर्मचारी की राय को प्राथमिकता दी जाती है। बताया तो यहां तक जाता है कि उस कर्मचारी का प्रभाव इतना है कि आउटसोर्सिंग कर्मचारियों के वेतन भेजने और वेतन कटौती जैसे मामलों में भी उसकी भूमिका रहती है।

सूत्रों का दावा है कि आउटसोर्सिंग कर्मचारी अखिलेश त्रिपाठी उर्फ मिंटू का स्वास्थ्य विभाग में स्थानांतरण भी हो चुका है लेकिन पिछले चार महीनों से उन्होंने वहां कार्यभार तक ग्रहण नहीं किया है, मजे की बात यह है कि उसे अलग से केबिन भी उपलब्ध है, जिसको लेकर अन्य कर्मचारियों में कई तरह की चर्चाएं हो रही हैं। उसकी सक्रियता इतनी बढ़ी है कि टैक्स विभाग से जुड़े नामांतरण, कर निर्धारण तथा विवादित फाइलों के निस्तारण जैसे संवेदनशील मामलों में भी उनके हस्तक्षेप की चर्चा है। सूत्रों का दावा है कि आउटसोर्सिंग कर्मचारी के बढ़ते रसूख के पीछे कोई मजबूत हाथ है, हालांकि इन सभी दावों में कितनी सच्चाई है, इसकी आधिकारिक पुष्टि तो नहीं हो पाई है।

सूत्रों का दावा है कि नगर निगम में तैनात इस आउटसोर्सिंग के कर्मचारी की संपत्ति में भी कई गुना बढ़ोत्तरी की चर्चा है। अब देखना है इन चर्चाओं और दावों के बीच नगर निगम के अधिकारी इस पर क्या रुख अपनाते है। हालांकि इन सभी चर्चाओं के बीच कुछ सवाल भी उठने लगे हैं, नगर निगम के नगर आयुक्त अपने ही स्थानांतरण आदेश का अनुपालन करा पाते है या नहीं? चार महीने तक स्थानांतरण आदेश का अनुपालन न करने पर अखिलेश त्रिपाठी के विरूद्ध क्या होगी कार्यवाही? आउटसोर्सिंग कर्मचारी को केबिन आवंटन पर बैठेगी जांच कमेटी? जोनल कार्यालय के सभी विभागों में अखिलेश के हस्तक्षेप पर कैसे लगेगी लगाम?


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